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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला

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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हिमाचल में ब्यास नदी के किनारे निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को कहा गया है। सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल को बताया गया कि मंडी के बिंद्राबणी, सोली खड्ड, पुरानी मंडी और खलियार में नदी के 35 मीटर के दायरे में निर्माण हो रहा है।

बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद ब्यास के किनारे निर्माण कार्य नहीं रुक रहा है। इससे ब्यास को नुकसान हो रहा है। ट्रिब्यूनल ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार को आदेश दिए कि इस मामले की जांच कर शपथपत्र के माध्यम से उसे अवगत कराए। मामले की अगली सुनवाई नौ जनवरी को होगी।

एक अन्य मामले में ट्रिब्यूनल ने रोहतांग पर प्रदूषण रोकने के लिए कदम न उठाने पर आरटीओ मनाली को हटाने की सिफारिश की है। ट्रिब्यूनल ने रोहतांग वैली की वस्तुस्थिति जानने के लिए गठित चार सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरटीओ के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने और इस पद पर किसी पर्यावरणप्रिय व्यक्ति को नियुक्त करने के लिए मुख्य सचिव को कहा है। मढ़ी के अलावा रोहतांग सड़क पर बने स्टालों को बंद करने के आदेश दिए हैं।

Courtesy: Amar Ujala, Shimla

माफिया ने रुकवाया दीवार का काम, लोनिवि कर रहा था काम

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अवैध खनन के लिए खोह नदी में उतरने का रास्ता हो रहा था बंद

कोटद्वार (उत्तराखंड)। खोह नदी में अवैध खनन करने वाले अब सरकारी काम में भी बाधा बनने लगे हैं। नदियों में टैक्टर ट्राली उतारने का रास्ता बंद होने पर ही सड़क सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य रुकवा दिया। दिनभर अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां सड़कों पर दौड़ती रहती है। जिसके वजह से प्रशासन ने ऐसा निर्णय लिया था। खननकारियों ने लोक निर्माण विभाग की तरफ से काशीरामपुर तल्ला में करवाया जा रहा सड़क सुरक्षा दीवार का निर्माण रुकवाया दिया। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर इसकी शिकायत की। ग्रामीणों ने कहा कि खोह नदी में अवैध खनन से आबादी को खतरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार खननकारियों को दौड़ा चुके हैं। लेकिन उन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। गांव की हर गली और सड़क पर खननकारियों के ट्रैक्टर दौड़ रहे हैं। विस्तार से देखें

खाकी की कमी , माफिया की चांदी

 

खनन सामग्री से भरे ट्रक ने रोका डीजीपी का रास्ता

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उत्तराखंड मे खनन माफिया जगह – जगह पहाड़ एवं नदियों का सीना चीर रहे है। यही हालत हर राज्य मे है। खदान को लेकर कोर्ट ने भी कई बार प्रशासन को निर्देश दिया है। उसके बावजूद इससे निवारण नही हो रहा है। पुलिस और प्रशासन का जरा भी खौफ माफिया पर नहीं दिख रहा है। बेखौफ नदियां खोद रहे खनन माफिया को वाहन पकड़े जाने पर जुर्माना देना नहीं खल रहा है। अवैध खनन पर सिर्फ जुर्माने का प्रावधान है, माफिया तत्काल जुर्माने की राशि अदा कर वाहन रिलीज करा लेता है। फिर खनन कार्य मे लग जाता है। कहानी जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण बार – बार आरोप लगाते है।  कार्यवाही होती है। थोड़ा शांत होने के बाद माफिया पुनः सक्रिय हो जाते है।  विस्तार से देखें

ऐसे तो रुकने से रहा अवैध खनन

1000MW ( 2X500 MW) stage I of Mouda Super Thermal Power Project in Nagpur district of Maharashtra

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The Prime Minister said that even so many years after independence, power had not reached every nook and corner of the country, and in many areas there were acute power shortages. But he reiterated his Government`s resolve to provide power to all. The Prime Minister mentioned the stress he had laid on hydropower during his recent visits to Bhutan and Nepal, as well as to the state of Jammu and Kashmir. He said the aim of the Government is to tap all sources of energy, with emphasis on clean energy, especially solar energy.

The Prime Minister said that even so many years after independence, power had not reached every nook and corner of the country, and in many areas there were acute power shortages. But he reiterated his Government`s resolve to provide power to all. The Prime Minister mentioned the stress he had laid on hydropower during his recent visits to Bhutan and Nepal, as well as to the state of Jammu and Kashmir. He said the aim of the Government is to tap all sources of energy, with emphasis on clean energy, especially solar energy. Read More..

Courtesy: PTI

Four Gram Panchayats in Uttarakhand joined forces to oppose a cement plant.

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When Basanti Devi entered the village of Bachwadi in Uttarakhand’s Takula block on one of her routine visits, she knew that something was wrong. Instead of the normal hustle, groups of men stood about talking quietly. She asked them what the matter was.

Basanti and the Gram Panchayat
Basanti Devi was on a  secure enough footing with the men of the village to ask them what was troubling them. After all, for the last five years she had been visiting them regularly. Her visits enabled the creation of women’s groups, helped them open bank accounts and generally allowed them access to a better, more dignified life. Inspired by her, the women of the five villages in that gram panchayat had pledged to protect their forest and stringently applied measures to minimise lopping. As a result of this, today the once-degraded forest was coming back to life. This  also resurrected the once-diminished stream that issued from the forest. If this were not enough, Basanti-di’s entire life and her long association with the Lakshmi Ashram were proof that she could be relied upon. Read more..

Courtesy: India Water Portal

टिहरी के बाद अब उत्तरकाशी मे फटा बादल

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उत्तराखंड मे प्रकृति ने इस कदर कहर बरपा रही है कि लोगों पर बिन बुलाये मुसीबत आ रही है। विगत वर्षो मे आई आपदा को अभी लोग भूल नही पाये थे, कि टिहरी मे दुबारा बादल फटने से आपदा आ गयी। और आपदा यहीं नही रुकी। दो दिन बाद ही उत्तरकाशी ज़िले के मोरी ब्लॉक मे बादल फटने से दो दर्जन मवेशी बह गए। 64 परिवारों ने घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानो पर पनाह ले ली है। चारधाम यात्रा मार्गों के खुलने और बंद होने का सिलसिला थम नही पा रहा है। पर्यटक आ नही रहे है। जिनकी रोजी-रोटी पर्यटक के बल पर चल रही थी। वो आज खाली बैठे पड़े है। लोगो की खेती योग्य जमीन नस्ट हो गयी। लगातार बारिश होने से नदियां ऊफान पर है। ऐसे हालात मे इन्सान करे तो क्या करे। विस्तार से देखें।

सौजन्य से: दैनिक जागरण

खनन माफिया ने बरसाए पत्थर, दो घायल, अवैध खनन रोकने गए थे ग्रामीण भागकर मुश्किल से बचाई जान

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रुड़की/भगवानपुर। खनन माफिया का खौफ मे कोई बदलाव नही आया है। चाहे प्रशासन कुछ भी कर ले। या कितना चुस्ती दिखाये। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद क्षेत्र की नदियों से अवैध खनन नहीं रुक पा रहा है। खहन माफियाओ का हौसला इतना बुलंद है, कि वह किसी पर भी हमला करने से गुरेज नही करते है। आए दिन यह घटना नज़र आ ही जाती है। यह बात खनन को लेकर स्पस्ट दिखाई पड़ती है। जिले की तमाम नदियों में दिन-रात बेखौफ और धड़ल्ले से खनन किया जा रहा है। लेकिन शासन-प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। अवैध खनन के लिए बनी टास्क फोर्स कहीं दिखाई नहीं दे रही है। अवैध खनन करने वाले इतने बेखौफ हैं कि वह लोगों पर हमले कर रहे हैं। यदि कोई उनके काम में रुकावट डालता है तो वह उसे रास्ते से हटाने की कोशिश करते हैं।

देर रात घाड़ क्षेत्र खनन रोकने पहुंचे ग्रामीणों पर खनन माफिया ने दबंगई दिखाते हुए पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पत्थर लगने से दो ग्रामीण घायल हो गए, जबकि बाकी ग्रामीणों ने बामुश्किल भागकर जान बचाई। ग्रामीणों ने बुग्गावाला थाना पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। लेकिन, पुलिस इससे इंकार कर रही है। विस्तार से देखें

प्रशासन और माफिया की मिलीभगत के चलते डर के साये में हैं ग्रामीण

नदियों में दिन-रात बेखौफ खनन

सौजन्य से: अमर उजाला ब्यूरो

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