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पन्ना जिले में मनाया गया विश्व मजदूर दिवस

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पत्थर खदान एवं मजदूर संगठन ने इन्विरोनिक्स ट्रस्ट एवं समता के सहयोग से 01 मई को विश्व मजदूर दिवस समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमे अलग-अलग संगठन के मजदूरों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। अपनी अपनी समस्याओ को एक दूसरे से साझा करते हुये सफलता पूर्वक मनाया। अपने हक तथा मुवाबजे के लिए नई रणनीति बनाई। आचार संघिता खत्म होते ही तुरंत कार्यवाही करने की नई रणनीति बनाई। सिलिकोसिस से पीडित मजदूरों को उचित मुवाब्जा एवं इलाज की व्यवस्था तथा जांच के पूरे प्रबन्ध करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाए। जिससे मजदूरों को उसका हक मिल सके।

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आचार संघिता समाप्त होने पर कार्यवाही की रणनीति

संगठित होकर करना होगा संघर्ष

संगठित होकर करना होगा संघर्ष - युसुफ बेग

महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के मुताबिक 100 दिन का रोजगार तो दूर पिछले छह माह से श्रमिकों को भुगतान तक नहीं मिल पाया

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भुगतान न होनेे से श्रमिकों में रोष
छह माह से कर रहे मनरेगा की मजदूरी का इंतजार
नई टिहरी। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को केंद्र सरकार अपनी बड़ी उपलब्धियों में गिनाती रही है। योजना में 100 दिन का रोजगार मिलने की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोगाें ने जॉब कार्ड भी बनाए लेकिन योजना के मुताबिक 100 दिन का रोजगार तो दूर पिछले छह माह से श्रमिकों को भुगतान तक नहीं मिल पाया है। जिले में मनरेगा योजना लड़खड़ाती चल रही है। बीते साल में एक लाख 46 हजार 558 जॉब कार्ड धारकों में से 1161 को ही 100 दिन का रोजगार मिल पाया है। योजना के तहत वर्ष 2013-14 में 91.82 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, उसमें से 64.9 करोड़ मिले जो खर्च हो गए। करीब 10.52 करोड़ रुपये का भुगतान छह माह से नहीं हो पाया है। श्रमिकों को जहां समय पर काम नहीं मिल रहा है, वहीं कभी काम मिल गया तो पांच- छह माह बाद भी मजदूरी नहीं मिल पा रही है जिससे मनरेगा पर निर्भर श्रमिकों में खासी नाराजगी है।
बकाया
भिलंगना- 146.48 लाख, देवप्रयाग-234 लाख, जाखणीधार-144 लाख, प्रतापनगर- 272.6 लाख, थौलधार-102.57 लाख, चंबा- 54.95 लाख, जौनपुर- 6.41 लाख, कीर्तिनगर- 28.11 लाख, नरेंद्रनगर-63.25 लाख।
केंद्र से फंड नहीं मिला है। बावजूद दूसरी मदों से हर ब्लाक को मार्च में10-10 लाख रुपये दिए गए। धनराशि मिलने पर जल्द ही ब्लाकों को आवंटित कर श्रमिकों का भुगतान कराया जाएगा। -अर्चना गहरवार, सीडीओ टिहरी।
सौजन्य से : अमर उजाला