देहरादून। मलेथा में लगे स्टोन क्रशरों को लेकर गरमाई राजनीति के बाद सरकार ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने कहा कि किसी भी हाल में मलेथा में स्टोन क्रशर नहीं चलेगा। कहा कि बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने से भ्रम की स्थिति बनी है। सरकार हर हाल में मलेथा के लोगों की भावनाओं के अनुरूप काम करेगी। तीन क्रशर पहले बंद किए जा चुके हैं, एक पिछले दिनों बंद कर दिया गया। एक का मामला हाईकोर्ट में है, उसे भी नोटिस दिया जा चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मलेथा के क्रशर बंद होने से हरिद्वार में लगे क्रशरों को फायदा हो सकता है, लेकिन इस मामले में सरकार की मंशा साफ है। फायदे नुकसान के अंकगणित की बात अलग है, लेकिन सरकार ने मलेथा के सभी क्रशर बंद करने का निर्णय ले लिया है।
मलेथा आंदोलन को दिया समर्थन
देहरादून (ब्यूरो)। मलेथा आंदोलन को दून में भी समर्थन मिल रहा है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने स्टोन क्रेशरों का विरोध किया। रविवार को पत्रकारों से बातचीत में अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि जिलाधिकारी ने चार स्टोन क्रशरों के संचालन की अनुमति को निरस्त किया था, लेकिन वहां फिर से काम शुरू हो गया। उन्होंने अपर मुख्य सचिव के उस बयान की भी निंदा की।
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