बहेरा ग्राम मे पुश्तो से बसे हुये आदिवासी जिनको वन अधिकार कानून के अंतर्गत पट्टे के लिए दिये गए थे। उनको जबरन वहाँ से हटाया जा रहा है। स्थानीय आदिवासियों का कहना है कि भूमि अधिकार पत्र आदिवासियो को सौपा जाय। यदि ऐसा नही होता है तो आदिवासियो को मजबूरन प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन करना पड़ेगा। ग्रामीणो का कहना है कि सभी ग्रामवासी भूमिहीन एवं आवासहीन है। तथा बिना कोई सूचना दिये वन अमले द्वारा हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। इस आशय का ज्ञापन लेकर कलेक्टर को दिया जा रहा है। ज्ञापन सौपने वालों मे सज्जू आदिवासी, हरीलाल गौड़, अखिलेश आदिवासी छोटा, राधा, रामदीन, जयंती, रामकली, द्रौपदी, कविता, शीला, मेनबाई, सकुनबाइ, महंती, नीमबाई, रामनरेश, प्रियाबई, जीवनलाल, सिया, अमर कुमार, मस्तराम, बाटा, मटरतान, बसंता सहित बड़ी संख्या मे आदिवासी समाज एवं पुरुष तथा बच्चे शामिल रहे। इसके साथ ही समाजसेवी युसुफबेग तथा कांग्रेसी नेता अनीष खान ज्ञापन कार्यक्रम मे उपस्थित रहे।

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उजाड़े जा रहे आदिवासियों के घरोंदे

कड़कड़ाती ठंड मे आदिवासियों के घरोंदे उजाड़े जा रहे

कड़कड़ाती ठंड मे उजाड़े जा रहे आदिवासियों के घरोंदे

कड़ाके की ठंड मे उजाड़े जा रहे आदिवासियों के घरोंदे

वन अधिकार के अंतर्गत दिलाये जाए भूमि अधिकार पत्र

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