1993 के बाद दिए गए कोल ब्लॉक्स को सुप्रीम कोर्ट के अवैध बताने के बाद देश के बड़े बैंकों के 2.5 लाख करोड़ के लोन पर काले बादल छा गए हैं। ऐसे में बैंक भी अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रहे हैं। 2012 में देश की सबसे बड़ी अदालत ने स्पेक्ट्रम एलोकेशन में गड़बड़ी पाए जाने के बाद 122 परमिट कैंसल कर दिए थे। यही वजह है कि बैंक कोल ब्लॉक्स को लेकर डरे हुए हैं।

एसबीआई, आईडीबीआई बैंक, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई बैंक के टॉप एग्जेक्यूटिव्स ने बुधवार को इस मामले पर चर्चा की थी। उन्होंने सरकार के सामने मामले की गंभीरता को रखने का फैसला किया। इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने बताया कि वे असरदार तरीके से अपनी बात पहुंचाने का रास्ता ढूंढ रहे हैं। इनमें से एक सूत्र ने कहा, ‘बैंक फाइनैंस मिनिस्ट्री के जरिये… Read more..

Courtesy: Economic Times (Hindi)

Advertisements