प्रतिबंध के बावजूद बेखौफ खनन माफिया चीर रहे नदियों का सीना

विकासनगर (देहारादून)। सरकार द्वारा खनिज सम्पदा पर प्रतिबंध के बावजूद खनन माफिया बेखौफ होकर उपखनिज संपदा को लूट रहे है। हौसला इतना बुलंद है कि सरकार से बेफिक्र होकर दिनदहाडे़ खनन के लिए नदियों का सीना चीरा जा रहा है। हर रोज इस तरह से खुदाई चल रही है कि रोजाना प्रत्येक घाट से 40-50 खनन से भरे वाहन बेरोकटोक निकल रहे हैं। इस पर जिम्मेदार महकमों की चुप्पी हैरान करने वाली है। आखिर इतना सब कुछ होते हुये भी प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है।

अब लोगों की जुबां पर यह बात आम हो चली है कि खनन की मलाई सभी जिम्मेदार मिल बांट कर खा रहे हैं। पूरा खेल कुछ सफेदपोश लोगों के संरक्षण में चल रहा है। दिनदहाडे़ हो रहे अवैध खनन के इस खेल से आम जन भी हैरान है। सारा खेल सेटिंग गेटिंग और आपसी रजामंदी से चल रहा है। इस खेल में सब चांदी काट रहे हैं और सरकार का नुकसान हो रहा है।

सोमवार को जांच मे टीम ने एक बार फिर से यमुना खादर का दौरा किया। यहां दोपहर 12 बजे अवैध खनन करने के लिए नदी में कई डंपर और ट्रैक्टर ट्रालियां उतरी हुई थी। टीम करीब एक घंटे यहां रुकी। करीब एक घंटे तक अवैध खनन से भरे वाहन यहां निकलते रहे। इन वाहनों को रोकने वाला कोई पुलिस कर्मी नहीं दिखाई दिया।

सूत्रों के अनुसार प्रत्येक घाट से रोजाना 40-50 वाहन प्रत्येक दिन निकल रहे हैं। यमुना के सभी घाटों से रोजाना 150-200 वाहन अवैध खनन की चोरी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार महकमों ने इस पर खामोशी की चादर ओढ़ी हुई है। एसएसपी अजय रौतेला का कहना है कि अवैध खनन पर सभी चौकी प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सौजन्य से: अमर उजाला ब्यूरो

Advertisements