शनिवार से रविवार शाम तक जिले में जमकर हुआ अवैध खनन

हरिद्वार/रुड़की) खनन माफिया को लगता है खुली छूट मिल गई है। जिले में शनिवार शाम से बड़े पैमाने पर अवैध खनन शुरू हुआ। गंगा और बरसाती नदियों के साथ ही सार्वजनिक भूमि पर रातभर भी माफिया की जेसीबी और पोकलैंड गरजी। रविवार पूरा दिन भी कई ट्रैक्टर ट्रालियों से खनन सामग्री को ठिकाने तक पहुंचाया गया। लेकिन शिकायत के बावजूद किसी ने माफिया को रोकने की जहमत नहीं उठाई। माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि 27 जून को एंटी माइनिंग सेल की कार्रवाई में सीज दर्जनों पोकलैंड और जेसीबी शुक्रवार को ही रिलीज की गई और शनिवार से फिर खनन में जुट गई। रविवार को पथरी, श्यामपुर, लक्सर, खानपुर, भगवानपुर, बुग्गावाला में जमकर अवैध खनन हुआ। श्यामपुर में तो खेतों में खनन का स्टॉक करने पर ग्रामीणों और माफिया में नोकझोंक भी हुई। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अवैध खनन के खिलाफ तप की चेतावनी दी, फिर भी जिला प्रशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। जानकारों की मानें तो बारिश से नदियों में तेज बहाव आने से पहले दिनरात माफिया खनन सामग्री का स्टॉक कर लेना चाहते हैं, ताकि आने वाले दो-ढाई महीने सामग्री की कमी से जूझना न पड़े।
शाम होते ही नदियों में उतरी माफिया की फौज

हरिद्वार/रुड़की। प्रशासन की अनदेखी से पथरी, लक्सर और भगवानपुर से सटे घाड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन बदस्तूर जारी है। शाम होते ही खनन माफिया के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, ट्रक, जेसीबी, पोकलैंड मजदूर के साथ नदियो में उतरे। दिनरात अवैध खनन किया गया। इन क्षेत्रों में स्टोन क्रशर तो अवैध खनन सामग्र्री को निगल ही रहे हैं, साथ ही यूपी में भी रात को दो बजे से सुबह छह बजे में हर दिन सैकड़ों ट्रक खनन सामग्री सप्लाई पहुंचाई जा रही है।

खनन माफिया को लगता है खुली छूट मिल गई है। जिले में शनिवार शाम से बड़े पैमाने पर अवैध खनन शुरू हुआ। गंगा और बरसाती नदियों के साथ ही सार्वजनिक भूमि पर रातभर भी माफिया की जेसीबी और पोकलैंड गरजी। रविवार पूरा दिन भी कई ट्रैक्टर ट्रालियों से खनन सामग्री को ठिकाने तक पहुंचाया गया। लेकिन शिकायत के बावजूद किसी ने माफिया को रोकने की जहमत नहीं उठाई। माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि 27 जून को एंटी माइनिंग सेल की कार्रवाई में सीज दर्जनों पोकलैंड और जेसीबी शुक्रवार को ही रिलीज की गई और शनिवार से फिर खनन में जुट गई। रविवार को पथरी, श्यामपुर, लक्सर, खानपुर, भगवानपुर, बुग्गावाला में जमकर अवैध खनन हुआ। श्यामपुर में तो खेतों में खनन का स्टॉक करने पर ग्रामीणों और माफिया में नोकझोंक भी हुई। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अवैध खनन के खिलाफ तप की चेतावनी दी, फिर भी जिला प्रशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। जानकारों की मानें तो बारिश से नदियों में तेज बहाव आने से पहले दिनरात माफिया खनन सामग्री का स्टॉक कर लेना चाहते हैं, ताकि आने वाले दो-ढाई महीने सामग्री की कमी से जूझना न पड़े।

शाम होते ही नदियों में उतरी माफिया की फौज

हरिद्वार/रुड़की। प्रशासन की अनदेखी से पथरी, लक्सर और भगवानपुर से सटे घाड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन बदस्तूर जारी है। शाम होते ही खनन माफिया के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, ट्रक, जेसीबी, पोकलैंड मजदूर के साथ नदियो में उतरे। दिनरात अवैध खनन किया गया। इन क्षेत्रों में स्टोन क्रशर तो अवैध खनन सामग्र्री को निगल ही रहे हैं, साथ ही यूपी में भी रात को दो बजे से सुबह छह बजे में हर दिन सैकड़ों ट्रक खनन सामग्री सप्लाई पहुंचाई जा रही है।

बिशनपुर कुंडी, रानीमाजरा, शाहपुर, हरसावाला, रानीपुर माजरा, टाडा भागमलपुर, लक्सर क्षेत्र के टांडा महतौली, भोगपुर, महतौली, नेहंदपुर, रायसी, भुआवाली, शेरपुर बेला आदि गांवों में गंगा और बाणगंगा के घाटों के पास शनिवार को रात भर जेसीबी और पोकलैंड से खनन किया गया।

वहीं घाड़ क्षेत्र में बंजारेवाला, तेलपुरा, बुधवाशहीद, बनवाला, बुग्गावाला समेत कई गांवों के आसपास चिल्लावाली, रतमऊ, सूक और मोहंड आदि नदियों में बड़े पैमाने पर खनन होता रहा। रुड़की से लेकर लंढौरा तक सोलानी नदी में भी यह गोरखधंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। घाड़ क्षेत्र में पिछले हफ्ते बड़े पैमाने पर किए अवैध खनन का मामला शासन तक पहुंचा था।
छूटते ही फिर खनन में जुटे

खेतों में फसल की जगह खनन सामग्री के ढेर, ग्रामीणों ने एसएसपी से की शिकायत

भगवानपुर। घाड़ क्षेत्र के बंजारेवाला, तेलपुरा और बुग्गावाला के ग्रामीणों ने एसएसपी को शिकायत कर बताया कि रातभर नदियों में अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीण पुलिस से इस बारे में शिकायत करते हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। शिकायत करने वालों में राजबीर, साजिद, सुल्तान, भूषण, रमेश आदि शामिल रहे।

यूपी के क्रशरों पर ठिकाने लगाई जा रही सामग्री

श्यामपुर। क्षेत्र के खेत इस समय अवैध खनन के स्टाक से अटे पड़े हैं। जिन खेतों में कुछ दिनों पहले फसलें लहलहाती थी। आज वही खेत अवैध खनिज सामग्री के गोदाम बने हैं। रविवार को इस पर ग्रामीणों ने विरोध जताया तो अवैध खनन सामग्री भंडारण कर रहे लोगों से नोकझोंक भी हुई।

खनन माफिया गंगा, कोटावाली, रवासन, पीली नदी में जमकर अवैध खनन कर रहे हैं। रात में किए गए अवैध खनिज सामग्री को तो रात में ही ठिकाने लगा दिया जाता है लेकिन, दिनभर उसे गंगा के किनारों पर बने खेतों में बिना अनुमति के भंडारण किया जा रहा है। रविवार को श्यामपुर के ग्रामीणों ने गांव के पास खेतों में सामग्री का अवैध स्टाक लगा रहे खनन माफिया से विरोध जताया। नीरज, राजेंद्र चौहान, सुरेश चौहान, आकाश, धीर सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया खेतों में बिना परमिशन के ही अवैध खनिज सामग्री डाल देते हैं। जिस कारण खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं। बताया कि पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

27 जून को 21 पोकलैंड और जेसीबी की थी सीज

श्यामपुर। पिछले दिनों एंटी माइनिंग सेल की ओर से सीज की गई पोकलैंड और जेसीबी शुक्रवार को रिलीज होने से श्यामपुर क्षेत्र में खनन माफिया फिर धड़ल्ले से अवैध खनन में जुट गए। खनन माफिया ने प्रशासन को चुनौती देते हुए एक बार फिर खुले तौर पर वन विभाग की जमीन और गंगा की सहायक नदियों को अपना निशाना बनाया।

13 जून को प्रशासन ने जिले में खनन के सभी पट्टे निरस्त कर दिए थे। इसके बावजूद श्यामपुर क्षेत्र में खनन थमने के बजाय जोर पकड़े हुए है। बीती 27 जून को एंटी माइनिंग सेल ने श्यामपुर और अन्य क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 15 पोकलैंड और छह जेसीबी सीज की थी। जिससे खनन माफिया बैकफुट पर आ गए थे।

शुक्रवार को सीज की गई पोकलैंड और जेसीबी के रिलीज होने के बाद श्यामपुर क्षेत्र में खनन माफिया दोबारा सक्रिय हो गए हैं। खनन माफिया ने वन विभाग की जमीन और गंगा की सहायक नदियों को एक बार फिर अपने निशाने पर लिया है। एक बार फिर रवासन नदी, पीली नदी और कोटावाली नदी के साथ नौरंगाबाद, अमीचंद खता आदि जगहों पर रविवार को भी अवैध खनन होता रहा।

अवैध खनन की लगातार मॉनीटरिंग की जाती है। सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाती है। प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। -वीर सिंह बुधियाल, एसडीएम सदर हरिद्वार।

मजदूरों की जान से खेल रहे माफिया

सौजन्य से: अमर उजाला ब्यूरो

Advertisements