रुड़की। पुलिस-प्रशासन की मेहरबानी के कारण खनन माफिया लाखों रुपये की खनन सामग्री लूट गए। ग्रामीणों के मुताबिक, चिल्लावाली नदी में शनिवार रात से शुरू हुए खनन में तीन जेसीबी मशीनें और 30 से अधिक ट्रैक्टर ट्राली लगाई गई थी। एक जेसीबी एक घंटे में कम से कम दस ट्रैक्टर ट्रालियों में खनन सामग्री भर देती है। ऐसे में तीन जेसीबी एक घंटे में 30 ट्रैक्टर ट्राली खनन करेंगी। इस हिसाब से 24 घंटे में जेसीबी मशीनों ने 720 ट्राली खनन किया।

स्टोन क्रशर के भाव के मुताबिक एक ट्राली खनन की कीमत करीब 2200 रुपये हैं, 720 ट्राली के हिसाब से यह कीमत 15 लाख 84 हजार रुपये है। अब माफिया इतनी कीमत की खनन सामग्री तो लूट ही ले गए। साथ ही एक ट्राली पर 500 रुपये के राजस्व के हिसाब से राज्य सरकार को तीन लाख 60 हजार की रायल्टी का भी चूना लग गया।

खनन रुकवाने के लिए रातभर शिकायत करते रहे ग्रामीण, नहीं पहुंचा कोई

रुड़की। घाड़ क्षेत्र में शनिवार पूरी रात और रविवार पूरे दिन बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता रहा। ग्रामीण रात भर स्थानीय पुलिस से लेकर एसपी देहात और एसडीएम से शिकायत दर्ज कराते रहे, लेकिन आश्चर्य की बात है कि कोई भी खनन रुकवाने नहीं पहुंचा। रात में तो दूर दिन में भी किसी अधिकारी या कर्मचारी ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर खनन माफिया पर इतनी मेहरबानी क्यों? कहीं पुलिस प्रशासन की शह पर तो खनन नहीं हो रहा है।

घाड़ क्षेत्र की चिल्लावाली नदी में बंजारेवाला के पास शनिवार शाम के समय कई जेसीबी और दर्जनों ट्रैक्टर ट्रालियों से अवैध खनन शुरू हुआ। ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने बुग्गावाला पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस यह कहकर टाल दिया कि खनन करने वाले जिला प्रशासन से अनुमति लिए जाने की बात कह रहे हैं। इसके बाद ग्रामीण 100 नंबर पर फोन करते हैं, फिर एसपी देहात को और इसके बाद एसडीएम को भी सूचना देते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, एसडीएम ने उन्हें साफ कर दिया कि खनन की कोई अनुमति नहीं दी गई और पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा गया है, लेकिन पूरी रात खनन होता रहा न प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और न ही पुलिस। यही नहीं दिन निकलने पर रविवार देर शाम तक भी खनन जारी रहा। 24 घंटे गुजरने के बाद भी माफिया को रोकने के लिए कोई नहीं पहुंचा। ऐसे में खनन के पीछे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली भी संदेह के घेरे में नजर आ रही है।

कहीं सरकार की शह तो नहीं
अवैध खनन के खिलाफ शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। ग्रामीण डीआईजी तक को शिकायत कर रहे हैं इसके बाद भी किसी को फर्क नहीं पड़ रहा है। इससे यह आशंका भी उठने लगी है कि कहीं स्थानीय पुलिस-प्रशासन को सरकार और शासन की ओर से खनन के खेल को सपोर्ट करने की सलाह तो नहीं दी जा रही है।

डीआईजी-एसएसपी को भेजा फैक्स
क्षेत्र के सुल्तान अहमद, भोपाल सिंह, गोपाल सिंह और सुलेखचंद की ओर से रविवार को एसएसपी और डीआईजी को चिल्लावाली नदी में खनन की सूचना दी गई। इसके बाद दोनों अधिकारियों को लिखित शिकायत का फैक्स भेजा है। डीआईजी संजय गुंज्याल ने ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

चिल्लावाली से बुधवाशहीद तक पहुंचा खनन
शनिवार रात से शुरू हुए खनन को रोकने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो माफिया के हौसले और बुलंद हो गए। पहले चिल्लावाली नदी में बंजारेवाला गांव के पास खनन हो रहा था, रविवार देर शाम बुधवा शहीद के समीप भी नदी से खनन शुरू हो गया।

नहीं पहुंचे तहसीलदार
ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को जब फिर से एसडीएम से वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि मैं तहसीलदार को मौके पर भेजकर खनन रुकवा रहा हूं। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम तक भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

घाड़ क्षेत्र में पूरी रात और दिनभर हुआ अवैध खनन

पुलिस प्रशासन की भूमिका पर संदेह
बंजारेवाला क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत मिल रही है। तहसीलदार और पुलिस दोनों को मौके पर भेजने के आदेश दिए गए थे। 24 घंटे में कोई कार्रवाई नहीं किया जाना गंभीर मामला है। इसकी भी जांच होगी कि कार्रवाई क्यों नहीं की गई थी। – प्रत्यूष सिंह, एसडीएम
शिकायत मिलने पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जांच की जा रही है। बुग्गावाला थाना पुलिस को इस संबंध में जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। – परमिंदर सिंह डोभाल, एसपी देहात

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