पथरी/श्यामपुर। गंगा और इसकी सहायक नदियों में अवैध खनन के विरोध में एंटी माइनिंग टीम ने पथरी और श्यामपुर क्षेत्र में छापेमारी कर 21 जेसीबी, पौकलेन और दो ट्रैक्टर-ट्रालियां पकड़ी। इन पर करीब 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि प्रशासन ने भोगपुर में एक स्टोन क्रशर का काम बंद करवा दिया है।

शुक्रवार दोपहर एंटी माइनिंग टीम ने पथरी क्षेत्र के फेरुपुर, बिशनपुर कुंडी और रानीमाजरा में छापेमारी की। टीम को देखकर कई चालक ट्रैक्टर-ट्राली लेकर भाग गए। जबकि कुछ जेसीबी और पौकलेन छोड़कर भाग निकले। इसके बाद टीम ने श्यामपुर क्षेत्र में छापेमारी की। दोनों क्षेत्रों में गंगा और अन्य बरसाती नदियों में जगह-जगह अवैध खनन होते पाया गया। टीम के सीईओ संजय गुंज्याल ने बताया कि शाम तक 23 वाहन पकड़े गए हैं। प्रत्येक जेसीबी और पौकलेन से न्यूनतम एक लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। उन्हाेंने बताया कि कई जगहों पर पौकलेन और जेसीबी छिपाने की सूचना भी मिली है। टीम जंगलों में भी कांबिंग कर रही है। दूसरी ओर शुक्रवार को एसडीएम बीर सिंह बुद्धियाल ने भोगपुर पहुंचकर गणेश स्टोन क्रशर की जांच पड़ताल की। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से क्रशर को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थी। फिलहाल क्रशर पर काम बंद करा दिया है। शनिवार को रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्टोन क्रशर पर बंद कराया काम, दो ट्रैक्टर ट्रालियां भी पकड़ी

सफाई के नाम पर अवैध खनन
डीआईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि गंगा में अवैध खनन सफाई के नाम पर हो रहा था। खनन करने वाले ग्रामीणों को यह कहकर गुमराह कर रहे थे कि यह गंगा सफाई का काम चल रहा है।

अब राफ्ट से होगी खनन की निगरानी
डीआईजी ने बताया कि गंगा में अवैध खनन पर निगरानी के लिए राफ्ट का प्रयोग भी किया जाएगा। राफ्ट पर सवार के लिए जवान गंगा के दोनों किनारों पर खनन पर नजर रखेंगे।

भिड़े ग्रामीण
पथरी। बृहस्पतिवार देर रात बिशनपुर कुंडी में खनन करने को लेकर बिशनपुर कुंडी और फेरूपुर के ग्रामीण आपस में मारपीट करने लगे। सूचना पर पुलिस के आने पर ग्रामीण फरार हो गए। ब्यूरो

ग्रामीणों ने खनन करने वालों को भगाया
श्यामपुर। शुक्रवार को रवासन नदी में ट्रैक्टर ट्रालियों और अन्य सामान के साथ खनन करने वालों ने खनन करना शुरू कर दिया है। शमशेर भड़ान, मुमताज अली, शमशाद, वाजिद अली और लियाकत आदि ने बताया कि जैसे ही उन्हें खनन करने की जानकारी मिली वह नदी की ओर दौड़ पड़े। कई महिलाएं उनके साथ खनन रुकवाने पहुंची। इस दौरान खनन करने वालों और ग्रामीणों के बीच कहासुनी भी हुई। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें भगाकर दम लिया। एंटी माइनिंग टीम ने इलाके में खनन करने वालों पर दबिश दी तो कई खनन करने वाले जेसीबी लेकर नलोवाला गांव में घुसकर छुप गए। लेकिन गांव वालों ने एंटी माइनिंग फोर्स को खबर कर दी। जिसके चलते छह जेसीबी पकड़ी गई।

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सौजन्य से : अमर उजाला ब्यूरो

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