देहरादून। सफाई की आड़ में रिस्पना नदी में खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है। ठेकेदार के कारिंदे जेसीबी लगाकर नदी से रेत और पत्थर निकाल कर ट्रकों एवं डंपरों में ढो रहे हैं। नदी में जेसीबी से खनन से कई फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। लोग आशंका जता रहे हैं कि बारिश में पानी उफनाया तो नदी के दोनों छोर के पुश्ते टिक नहीं पाएंगे। सफाई के नाम पर यह खेल कहीं पर रात में तो कहीं दिनदहाड़े खेला जा रहा है। सब कुछ जानने के बावजूद प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी चुप हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार सफाई के आड़ में खनन करा रही है। मेयर विनोद चमोली भी इसे खनन का खेल बता रहे हैं।

मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद हरीश रावत ने शहर की नदियों की सफाई की बात कही थी। इसके लिए जिला प्रशासन और एमडीडीए को जिम्मेदारी सौंपी थी। कहा था कि दो माह में नदियां साफ हो जानी चाहिए। इसके बाद नदियों में सफाई का अभियान चला जो दो-चार दिन में दम तोड़ गया। पिछले कुछ दिनों से नदियों की सफाई चल रही है। लेकिन इसकी आड़ में खनन हो रहा है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने रिस्पना का निरीक्षण किया तो पूरी नदी गंदगी से पटी मिली। जाखन से रिस्पना नगर तक पूरा हो चुके सफाई प्रोेजेक्ट में केवल खनन होता दिखा। मंगलवार को रिस्पनानगर तक काम पूरा होने का दावा किया गया। लेकिन रिस्पनानगर से ऊपर की नदी उतनी ही गंदी मिली, जितनी की नीचे की ओर थी। मौके पर चार से पांच फीट के गहरे गड्ढे जरूर मिले। इससे स्थानीय लोग खासे नाराज हैं। पिछले दिनों नई बस्ती बलवीर रोड क्षेत्र में लोगों के विरोध के बाद ठेकेदार ने खनन रोक दिया, लेकिन विधानसभा से आगे खनन जारी है। विस्तार से देखें।

डाकपत्थर बैराज में हो रहा अवैध खनन – लॉट बंद होने पर भी धड़ल्ले से चल रहा खनन, पुल से बेरोकटोक गुजर रहे खनन भरे वाहन

हरिद्वार मे धोबीघाट पर खनन की अनुमति

सौजन्य से: अमर उजाला ब्यूरो

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