प्रशासन की कार्रवाई का नहीं हो रहा खनन कारोबारियों पर कोई असर

कोटद्वार। नदियों में अवैध खनन का खेल बड़े पैमाने पर जारी है। प्रशासन की ओर से इसको लेकर अब तक कई बार कार्रवाई की गई, लेकिन अवैध खनन का यह खेल बंद होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। कोटद्वार क्षेत्र की तीन नदियों मालन, सुखरौ और खोह पर खनन का खेल दिन-रात जारी है। खनन माफिया इतने बेखौफ हैं कि प्रशासन की टीम के लगातार गश्त के बावजूद वे नदियों में ही जमे रहते हैं। यहां तक कि कुछ जगह पर तो जेसीबी से भी नदियों को खोदा जा रहा है। इनका नेटवर्क इतना मजबूत है कि उन्हें प्रशासन की टीम के आने से पहले सूचना लग जाती है। इसी साल तहसील प्रशासन नदियों में अवैध खनन में लगी करीब तीन दर्जन ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़ चुका है। बीच-बीच में पुलिस भी ट्रैक्टरों को पकड़ती रहती है। उसके बावजूद खनन का खेल रुकने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है।

ऊंची पहुंच वाले हैं धंधे में लिप्त
अवैध खनन के धंधे में शहर के कुछ रसूखदार भी शामिल हैं। यहां तक कि सत्ता से जुड़े लोगों का भी इसमें नाम जोड़ा जा रहा है। यही कारण है कि खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। बुधवार को पकड़े गए डंपर की कीमत 10 लाख के आसपास बताई जा रही है।

सबसे ज्यादा लाभकारी है खनन
किसी समय पर प्रापर्टी का काम सबसे अधिक लाभ वाला माना जाता था। यह माना जाता था कि जो भी इस काम को करेगा वह लाखों का मालिक होगा। लेकिन अब यह धंधा दूसरे नंबर पर चला गया है।
दुस्साहस
•जेसीबी से भी किया जाता है नदी किनारे खनन
•प्रशासन से तेज है कारोबारियों का नेटवर्क

नदियों में अवैध खनन को लेकर टीम लगातार गश्त कर रही है। पंचायत चुनाव के बाद इसके खिलाफ सघन अभियान चलाया जाएगा। भंडारणों के सत्यापन भी कराए जाएंगे। अवैध खनन में पकड़े जाने पर किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। -पीएस राणा, एसडीएम कोटद्वार

अमर उजाला ब्यूरो

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