गढ़वाल। चमोली जिले में बदरीनाथ और केदारनाथ वन प्रभाग के जंगल धधक रहे हैं। कई हेक्टेयर वन क्षेत्र अभी तक वनाग्नि की भेंट चढ़ चुका है, जिसमें लाखों की वन संपदा जलकर खाक हो चुकी है। रुद्रप्रयाग जिले के मंदाकिनी, दक्षिणी जखोली, खांकरा रेंज के जंगल आग की चपेट में हैं। लैंसडौन और धुमाकोट क्षेत्र के कई जंगल में भी दावाग्नि भड़की हुई है।

कर्णप्रयाग। बुधवार रात से नंदप्रयाग रेंज के अंतर्गत बरसाली के जंगल धधक रहे हैं। हवा चलने से सूखे पिरूल पर आग तेजी से बढ़ रही है। हरीश चौहान, बलवीर चौहान और अनूप डिमरी ने बताया कि बुधवार रात से लगी आग तेजी से आगे बढ़ रही। आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो, यह बरसाली, देवड़ी, घाघू, नागकोट, नागांव, मौंणा, बैरफाला, सिरतोली, कनखुल, कांडा, मैखुरा और डांडा-डिम्मर गांवों के वन क्षेत्र तक फैल सकती है। जंगल जलने से पशुओं के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो गया है। दूसरी तरफ केदारनाथ वन प्रभाग के धनपुर रेंज के जंगल से तीसरे दिन भी धुएं का गुबार उठता रहा। धुएं के कणों से आंखों में जलन और शरीर में एलर्जी की शिकायतें भी हो रही हैं। सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सक डा. राजीव शर्मा ने बताया कि धुंध के प्रकोप से बचने के लिए आंखों पर चश्मे का प्रयोग करना जरूरी है।

कई हेक्टेयर जंगल हो चुके खाक
मई माह में चमोली में जिले में वनाग्नि से बदरीनाथ और केदारनाथ वन प्रभाग के 12 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र राख हो चुका है। बदरीनाथ प्रभाग में जहां 2.5 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वहीं केदारनाथ वन प्रभाग का 9.5 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र आग से नष्ट हो चुका है। वनाग्नि से पिलंग क्षेत्र में अधिक नुकसान हुआ है। धनपुर रेंज में भी वन पंचायत की क्षेत्र में आग लगने की सूचना थी, जिसे ग्रामीणों की मदद से काबू कर लिया गया है। रेंज अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा गया है। – एस लाल, एसीएफ, केदारनाथ वन प्रभाग, चमोली (गोपेश्वर)।

कंट्रोल रूम का फोन खराब
रुद्रप्रयाग। जिला पंचायत सदस्य अवतार सिंह राणा ने बताया कि जंगलो में आग लगने की सूचना देने के लिए उन्होने कंट्रोल रूम फोन किया मगर फोन खराब था। वहीं एसडीओ सोहन लाल ने बताया कि इस संबंध में बीएसएनएल को अवगत कराया गया है।

जंगलों में आग, संकट में जानवर
रुद्रप्रयाग/अगस्त्यमुनि। मंदाकिनी रेंज के सौड़ी, रुमसी, तलसारी, दक्षिणी जखोली रेंज के कपणिया, बच्चवाड़, बरिसर, जखोली, लौंगा और खांकरा रेंज के अंतर्गत अकलगढ़ के साथ ही रायड़ी, स्यूर, दानकोट किमाणा, बावई के जंगलो में आग लगी है। आग लगने के बावजूद अभी तक विभाग स्तर से इसे बुझाने के प्रयास नहीं किए गए हैं। बंगोली की   पूर्व प्रधान शर्मिला देवी व सामाजिक कार्यकर्ता एचएस नेगी ने बताया कि जंगलो में आग लगने से धुंध छा गई है। आग लगने से   जंगली जानवरो के भी आबादी वाले क्षेत्रों में घुसने का भय बना हुआ है। इधर, वन विभाग के एसीएफ अजय शर्मा ने बताया कि     जंगलो में आग बुझाने के लिए टीम भेजी गई हैं। गर्मी बढ़ने के कारण पिरुल अधिक मात्रा में गिर रहा है। जिससे वनाग्नि की       घटनाएं बढ़ रही है।

  कर्णप्रयाग में तीसरे दिन भी धधकते रहे धनपुर रेंज के जंगल

  जंगल की आग बुझाने में दो लोग झुलसे
पौड़ी। पोखड़ा ब्लाक के कुड़जखाल के समीप के जंगल में लगी आग को बुझाने में फायर वाचर समेत दो लोग झुलस गए हैं।         अभी तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। दमदेवल रेंज के अंतर्गत आने वाले पोखड़ा ब्लाक के कुड़जखाल के समीप के जंगल में बृहस्पतिवार को दोपहर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने कई हेक्टेयर क्षेत्रफल को अपनी चपेट पर ले लिया। मौके पर तैनात फायर वाचर समेत कई लोग आग बुझाने में जुट गए। इस बीच तेज हवा के साथ आई आग की लपटों की चपेट में आने से बरसुंडा निवासी हर्षवर्द्धन और फायर वाचर चंद्र सिंह के हाथ हल्के झुलस गए। रेंजर शिशुपाल सिंह रावत ने बताया कि दोनों के हाथ आंशिक रूप से झुलसे हुए हैं। जिन्हें मौके पर ही दवा देने बाद घर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि आग पर अभी काबू नहीं पाया जा सका है। अब तक छह हेक्टेयर क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है।

सौजन्य से : अमर उजाला ब्यूरो

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