छहज्यूला पट्टी के ग्रामीणों ने किया मतदान बहिष्कार, दिनभर खाली हाथ बैठे रहे मतदान कार्मिक
मसूरी। छहज्यूला पट्टी के एक दर्जन गांवों के तीन हजार मतदाताओं ने सड़क निर्माण की मांग पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया। दिनभर वोटरों का इंतजार करते रहने के बाद क्षेत्र से पोलिंग पार्टियां खाली ईवीएम लेकर लौटीं। टिहरी संसदीय क्षेत्र की धनोल्टी विधानसभा के जौनपुर प्रखंड की छहज्यूला पट्टी के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने सड़क निर्माण की मांग पर काफी समय पूर्व मतदान न करने का ऐलान किया था। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सुध न लेने से उनकी नाराजगी बढ़ती गई, जिसका नतीजा मतदान के दिन नजर आया। गाँव में पोलिंग स्टेशनों के पास ग्रामीणों ने सुबह से ही पहरा बिठा दिया था। इसके बाद कोई ग्रामीण मत देने निकला भी तो उसे रोक लिया गया। तुनेटा, घटूधार, कुफल्टा, जिंसी, कोल्टी, लगड़ासू, मवाणा, लैदूर, मथौली, कांडा-जाख, किमोई, बीरा गांव, नवाड़ीधार, डलाल गांव, नूथा गांव में एक भी ग्रामीण ने वोट नहीं दिया।

शाम छह बजे तक वोटरों का इंतजार करने के बाद क्षेत्र की सभी पोलिंग पार्टियां लौट गईं। एक बूथ पर चुनाव ड्यूटी पर आए टिहरी संसदीय क्षेत्र के दो कर्मचारियों ने वोट दिया।

मीडिया को देख कमरे में दौड़े
मसूरी। वोटरों के न आने से पोलिंग स्टेशन खाली पड़े रहे। मीडियाकर्मी तुनेटा गांव पहुंचे तो यहां मतदान कर्मी बाहर धूप सेकते मिले। मीडिया को देखते ही वे कमरों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि, मौके पर कोई मतदाता मौजूद नहीं मिला।

वोट देने के लिए गांव पहुंचने पर पुरानी यादें हुई ताजा

सौजन्य से: अमर उजाला ब्यूरो

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