पीने को पानी नहीं
असनोड़ी गांव में प्रति तीन दिन में 30 लीटर पानी ही नसीब, 30 परिवारों ने किया पलायन
श्रीनगर से 10 और पौड़ी रोड से मात्र एक किलोमीटर दूर बसे असनोड़ी गांव में पानी की कहानी काफी दुखभरी है। गांव में पेयजल संकट के चलते अभी तक करीब 30 परिवार पलायन कर चुके हैं। 40 परिवार मजबूरी में ही गांव में रह रहे हैं। यहां रहने वाले प्रत्येक परिवार को भी तीन दिन में 30 लीटर पानी ही नसीब हो पाता है। असनोड़ी गांव श्रीनगर से दस किलोमीटर दूर पौड़ी रोड स्थित खंडाह बस स्टापेज से करीब एक किलोमीटर दूर है। गांव को जोड़ने के लिए कच्ची सड़क भी है। गांव में प्रवेश करते ही खंडहर पड़े घर यहां पहुंचने वालों का स्वागत और गांव में जरूरी सुविधाओं की तस्वीर बयां करते हैं।
जानकारी के अनुसार आज से दस साल पहले तक गांव 70 परिवारोें से गुलजार था। लेकिन सड़क से नजदीक और विकास से दूर गांव से पलायन शुरू हो गया। अब गांव में मजबूरी में 40 परिवार ही बचे हैं। जिसमें से ज्यादातर दलित परिवार हैं। पलायन का मुख्य कारण बना पीने के पानी की कमी। गांव में पेयजल संकट का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक परिवार को तीन दिन में तीस लीटर पानी ही नसीब हो पाता है। ऐसे में ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोना पड़ता है। यहां भी पानी इतना कम है कि एक बर्तन पानी के लिए घंटों इंतजार।
कई गांवों में पेयजल संकट
पौड़ी। कल्जीखाल ब्लाक के कई गांव पीने की पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को गाड़ गदेरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अगरोड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत मोहन बिष्ट , मदन सेमवाल, रवींद्र असवाल, लक्ष्मण सिंह आदि ने बताया कि कफोलस्यूं पट्टी के कई गांवों पेयजल संकट गहराने लगा है। केवर्स, पाली, कठूड़, सिलेथ और नौली आदि गांवों ज्वाल्पा पंपिग योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन एक सप्ताह से गांवों में नियमित सप्लाई नहीं की जा रही है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके रोहेला ने बताया कि योजना ठीक है। गरमी शुरू होते ही पानी की मांग बढ़ जाती है। जिससे यह समस्या आ रही है।
लीकेज के चलते सड़कें तर, सूख रहे हलक
कर्णप्रयाग। जलसंस्थान नगर की लीकेज लाइनों की मरम्मत तक नहीं करा पा रहा है। हालत यह है कि कई जगह लाइनों पर लीकेज होने से पानी सड़कों और नालियों में बह रहा है जिससे कई मोहल्लों में पानी की किल्लत बनी हुई है। स्थिति यह है कि लोग पिंडर और अलकनंदा नदी में मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। नगर के छह वार्ड और पोखरी ब्लाक के देवतोली कस्बे की पेयजल आपूर्ति जलसंस्थान के हवाले है। विभाग की घटगाड़ योजना से जहां नगर के छह वार्डों को पेयजल आपूर्ति होती है वहीं देवतोली के वाशिंदे बदरीनाथ हाईवे पर खड़ीखाड़ पेयजल योजना निर्भर हैं। 60 के दशक में बनी घटगाड़ योजना का पुनर्गठन न होने से यह जर्जर हालत में है। पूर्व वार्ड सभासद प्रह्लाद सती ने कहा कि नौटी रोड से अपर बाजार और सुभाषनगर सहित कई स्थानों पर पेयजल लाइन लीकेज कर रही है जिससे मुख्य बाजार, सुभाषनगर, सांकरी, प्रेमनगर, आईटीआई सहित कई मोहल्लों में अनियमित पेयजल आपूर्ति हो रही है।
चुनाव के बाद कोई हाल जानने नहीं आता
गांव के ही मुकेश पांडे, लक्ष्मी देवी और रमेश चंद्र का कहना है गांव सड़क के करीब ही है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सभी दलों के नेता वोट मांगने आते हैं। उनके सामने हर चुनाव में पानी की समस्या को रखा जाता है। चुनाव के समय नेता समस्या समाधान का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई हमारे हाल जानने नहीं आता है। पिछले 14 दिन पानी इतना कम आ रहा है कि टंकी नहीं भर पाई है, जिससे पानी का वितरण नहीं हुआ। ऐसे में पानी की जरूरत को कैसे पूरा करें समझ नहीं आता। ताले में बंद रहता है नल। असनोड़ी गांव के लिए वर्ष 2006 में मासू पेयजल योजना बनी थी। शुरूआत में तो ग्रामीणों पूरा पानी मिलता रहा। इसके लिए गांव में पंद्रह स्टैंडपोस्ट भी लगाए गए थे। लेकिन इसी योजना से बाद में ओली, धरीगांव और गिरीगांव को जोड़ दिया गया। जिससे गांव में पानी बहुत कम पहुंचता है। पानी कम होने से टंकी पर ताला लगाकर पहले भंडारण किया जाता है। तीन दिन में टंकी भरती है। इसके बाद ग्रामीणों को पांच लीटर के डिब्बे से भरकर प्रत्येक परिवार को तीस लीटर पानी दिया जाता है।
लोग नदी में मोटर लगाकर कर रहे पानी की सप्लाई
पानी की समस्या नगर में गहराती जा रही है। अभी से शुरू हुई अनियमित आपूर्ति गरमियों और यात्रा सीजन में गहरा सकती है। जलसंस्थान को लीकेज और स्रोत पर पानी बर्बाद न हो इसके लिए काम करना चाहिए। – महेश खंडूड़ी/अनूप डिमरी/बीरेंद्र मिंगवाल कर्णप्रयाग।
पूरी पाइप लाइन के लीकेज ठीक कर दिए गए हैं। कहीं पर पंचायत की ओर से निर्माण कार्य करने के दौरान लाइन तोड़ी गई होगी जिसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा। योजना के पुनर्गठन का काम जलनिगम का है। – पीके पांडे, सहायक अभियंता, जलसंस्थान कर्णप्रयाग।

सौजन्य से: अमर उजाला
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