नालों पर माफिया काबिज
किशनपुर (कोटद्वार)। पुलिस-प्रशासन और वन विभाग की उदासीनता से भाबर क्षेत्र में खनन कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। भाबर में सनेह से लेकर सिगड्डी तक बड़ी नदियों के साथ ही छोटे बरसाती नालों में धड़ल्ले से खनन चल रहा है। सरकारी मशीनरी खनन रोकने के लिए दावे तो कर रही है, लेकिन धरातल की स्थिति इससे उलट है। खनन कारोबारियों में सरकारी तंत्र का खौफ नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि भाबर की सड़कों पर दिनरात रेत, बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां दौड़ रही हैं। तेलीसोत जैसे छोटे बरसाती गदेरे में भी खनन शुरू हो गया है। ऐसे में बरसात में भूमि कटाव का खतरा है। सिगड्डी सोत से खनन के लिए ट्रैक्टरवाले चिलरखाल के पास वन विभाग के मार्ग का इस्तेमाल कर रहा है।
सिगड्डी के भूदेवपुर ग्राम के किनारे वन विभाग हाथी सुरक्षा दीवार बना रहा है, जो सिगड्डी सोत से लगा है। विभाग ने नदी में जाने के लिए दीवार के पास ही एक रास्ता बनाया है, जहां से वह दीवार निर्माण के लिए रेत बजरी निकलवा रहा है। इस रास्ते का उपयोग खनन कारोबारी भी करने लगे हैं। सिगड्डी-किशनपुर, हल्दूखाता-सिगड्डी और झंडीचौड़ मार्ग, कण्वाश्रम-मवाकोट-कलालघाटी मार्ग पर दिन रात दौड़ती ट्रैक्टर-ट्रालियों की गड़गड़ाहट ने ग्रामीणों की नींद हराम कर दी है।
खनन कारोबारी अधिकारियों की मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं। यही वजह है कि मौके पर पहुंचने से पहले वे भाग खडे़ होते है। मालन में एक ट्रैक्टर सीज किया गया है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। -जेएस रावत, एसीएफ कोटद्वार।
तहसील प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ कई अभियान चला चुका है। जनता की शिकायत पर छापेमारी की जा रही है। नंदपुर में मालन की ओर से हो रहे खनन की जांच कराई जाएगी। -पूरण सिंह राणा, एसडीएम कोटद्वार

सौजन्य से: अमर उजाला
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