रामबाड़ा (केदारनाथ)। जून 2013 में केदारनाथ जलप्रलय के बाद रामबाड़ा में बिजली के पोलों पर बनाए गए अस्थायी पुल से लोगों की आवाजाही होती रही। 2014 के अप्रैल माह में भी ऐसे ही आवाजाही हो रही है। एनआईएम, जल संस्थान और ऊर्जा निगम के मजदूर आज भी कच्चे पुल से निर्माण सामग्री ले जा रहे हैं जिससे यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोक निर्माण विभाग को यहां स्थायी पैदल पुल के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था, विभाग को 2013 में ही यह काम पूरा करना था लेकिन यहां स्थिति आज भी जस की तस है। जल प्रलय मेेें केदारनाथ पैदल मार्ग जगह-जगह ध्वस्त हो गया था। रामबाड़ा से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर दोबारा आवाजाही की संभावनाएं खत्म हो गई। ऐसे में रामबाड़ा में नदी पार कर दूसरी ओर जाने का विकल्प ही शेष बचा था। त्वरित राहत के लिए ठीक नदी तल से अस्थायी पुल का निर्माण किया गया, लेकिन यह बहुत खतरनाक था। तब इसी स्थान से करीब 20 मीटर नीचे लोनिवि बिजली के पोल, तार और अन्य सामग्री से अस्थायी पुल बनाया। आज भी इसी पुल से आवाजाही हो रही है। यह पुल सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है।
लोनिवि ने पिछले वर्ष ही यहां नए स्थायी पुल के निर्माण का दावा किया था, लेकिन पुल का निर्माण नहीं किया गया। नवंबर माह में मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इस साल भी यही स्थिति है। अभी तक पुल की पूरी सामग्री रामबाड़ा तक नहीं पहुंची है। पुल के एबेटमेंट बनाने की रफ्तार बहुत धीमी है जबकि लोनिवि की एक पूरी डिवीजन पैदल मार्ग का निर्माण कार्य देख रही है।
हार्ड रॉक पर नहीं हो रहा पुल निर्माण
रामबाड़ा। इन दिनों मंदाकिनी नदी का जल स्तर काफी कम है, इसके बावजूद पुल के बनाए जा रहे पुस्ते को पानी छू रहा है। बरसात में जब पानी बढे़गा, तब क्या होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पुल का निर्माण कच्चे स्थान पर किया जा रहा है। जबकि इससे करीब 100 मीटर नीचे मंदाकिनी नदी के दोनोें ओर हार्ड रॉक मौजूद है और नदी भी बहुत नीचे है। यहां पुल निर्माण सुरक्षित हो सकता था।
लोनिवि का हफ्ते में पुल बनाने का दावा
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता केके श्रीवास्तव ने दावा किया है कि हफ्ते भर में स्थायी पैदल पुल का निर्माण कर लिया जाएगा। स्थायी पुल की ऊंचाई साढे़ चार मीटर और लंबाई 18 मीटर होगी। पुल सुरक्षित होगा। पुराना अस्थायी पुल भी पक्का है। इससे प्रतिदिन 700 लोगों की आवाजाही हो रही है। पुल की निर्माण सामग्री साइट पर पहुंचा दी गई है। एक सप्ताह में पुल का निर्माण हो जाएगा।
(लोनिवि अधिकारियों के दावे के अनुसार अमर उजाला की टीम हफ्ते भर बाद मौके पर पहुंचकर दावे की पड़ताल करेगी और ताजा स्थिति पाठकों को बताएगी।)

अस्थायी पुल से आवाजाही खतरनाक

रामबाड़ा में मंदाकिनी नदी पार करने के लिए बनाए अस्थायी पुल। अभी इन्ही पुलों से आवाजाही हो रही है।

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