हरिद्वार। शिक्षा विभाग का हाल देखिए। कहीं बजट जारी होने के बाद भी भवन नहीं बन रहे हैं और कहीं पांच-पांच वर्ष से अधूरे भवन बजट के इंतजार में खड़े हैं। मजबूरन बच्चों को कई-कई किलोमीटर पैदल चलकर उच्च शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही हैं। अभिभावक परेशान हैं। लेकिन संबंधित विभागीय अधिकारी इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। लक्सर ब्लॉक के एक प्राइमरी स्कूल भवन के लिए पांच वर्ष पहले बजट जारी हुआ है। लेकिन मौके पर नींव तक नहीं खुदी। बहादराबाद ब्लॉक के चार और रुड़की क्षेत्र का एक प्राइमरी स्कूल तीसरी किस्त जारी न होने पर अधूरा पड़ा है। लक्सर ब्लॉक के गांव नैतवाला सैदाबाद के ग्रामीण लंबे समय से जूनियर हाईस्कूल खोलने की मांग कर रहे हैं। बार-बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को अवगत कराया गया कि प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद छोटे-छोटे बच्चों को कई किलोमीटर पैदल चलकर अन्य गांवों में स्थापित जूनियर हाईस्कूलों में जाना पड़ रहा है। सर्दियों और बरसात में बच्चों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। इसके लिए ग्राम पंचायत की ओर से भी जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया। वर्ष 2008 में शिक्षा विभाग ने नैतवाला सैदाबाद गांव में जूनियर हाईस्कूल की मंजूरी दी। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक दिनेश प्रसाद ने बताया कि जूनियर स्कूल के भवन निर्माण के लिए नौ लाख रुपये दिया जाता है। शासन से इसकी स्वीकृति भी मिली है। वर्ष 2008 में ही पहली किस्त के तौर पर इसके लिए 3 लाख 10 हजार रुपये जारी किए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जूनियर स्कूूलों की सूची में नेतवाला सैदाबाद का नाम भी शामिल कर लिया। जबकि हकीकत यह है कि गांव में जूनियर स्कूल की नींव तक नहीं खोदी गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पहली किस्त गई कहां। सर्व शिक्षा अभियान के जिला स्तरीय अधिकारियों के पास इसका कोेई जवाब नहीं हैं।

शिक्षा विभाग के पास नहीं इन सवालों के जवाब
पांच साल में भवन का निर्माण शुरू क्यों नहीं हुआ।
भवन निर्माण का पैसा किसके खाते में किया ट्रांसफर।
निर्माण शुरू नहीं हुआ तो पैसा अब कहां गया।
भवन नहीं तो स्कूलोें की सूची में कैसे किया नाम शामिल।
भवन ही नहीं तो फिर तीन शिक्षकों के रिक्त पद क्यों दिखाए।
लेखाधिकारी आएंगे तभी देखेंगे
पांच स्कूलों को तीसरी किस्त का इंतजार
वर्ष 2008 में नैतवाला सैदाबाद जूनियर स्कूल के लिए किस्त जारी, नींव अब तक नहीं खुदी
सर्व शिक्षा अभियान के जिला स्तरीय अधिकारी नहीं दे पा रहे जवाब
वर्ष 2008-09 से पांच प्राइमरी स्कूलों को अंतिम किस्त का इंतजार
सरकारी धन को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की गंभीरता देखिए। जब जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) एवं सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी जगमोहन सोनी से नैतवाला सैदाबाद स्कूल के लिए जारी हुई प्रथम किस्त की धनराशि के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं तो दो-ढाई महीने से ही यहां हूं। यह मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है। फरवरी में यहां सहायक लेखाधिकारी रिटायर हो गए थेे। नए लेखाधिकारी की नियुक्त होते ही नैतवाला सैदाबाद के पैसे की स्थिति और प्राथमिक स्कूलोें की तीसरी किस्त क्यों जारी नहीं की गई। इसका पता लगाया जाएगा। इस पर भी लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि एक सहायक लेखाधिकारी के रिटायरमेंट होने के बाद विभाग का पूरा सिस्टम ही ठप हो गया है।

ब्लॉक बहादराबाद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय उत्तमनगर, भिल्डियाना, गैंडीखाता गुजर बस्ती न. एक और पथरी गुजर बस्ती न. दो के स्कूल भवनों का आधे से ज्यादा निर्माण पूरा हो चुका है। रुड़की स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय खाताखेड़ी न. दो का निर्माण 90 फीसदी पूरा हो चुका है। इन सभी पांच विद्यालयों के लिए कुल रकम 5.46 लाख रुपये में से 1.10 लाख रुपये की तीसरी किस्त जारी नहीं की जा रही है। जबकि विभाग के पास बजट भी मौजूद है। यह स्कूल वर्ष 2008-09 से तीसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं।

सौजन्य से : अमर उजाला
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