गोपेश्वर। चमोली जिले के नदी, नाले खनन कारोबारियों के निशाने पर हैं। अलकनंदा नदी में गौचर से लेकर भीमतला तक बेखौफ खनन हो रहा है। खनन से अलकनंदा के किनारे गहरे गड्ढे हो गए हैं। खनन न रोका गया तो इस बार भी यह बरसात में परेशानी का सबब बन सकता है। वहीं प्रशासन का अवैध खनन के खिलाफ अभियान कहीं भी नहीं दिख रहा है।

अलकनंदा नदी के किनारे गौचर, कर्णप्रयाग, सिमली, नौली, बगोली, भीमतला और चमोली में अवैध खनन हो रहा है। मठ, बालखिला और मंडल में भी बालखिला नदी पर माफिया खनन में जुटे हैं तो बिरही गंगा में बिरही हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की ओर से चमोली तहसील प्रशासन की नाक के नीचे खनन करवाया जा रहा है। प्रशासन ने जयकंडी में करीब दो करोड़ में खनन का पट्टा दिया हुआ है। इसके बावजूद यहां तीन अन्य जगहों पर खनन किया जा रहा है। खनन के कारण गत वर्ष जलप्रलय से अलकनंदा के किनारे लामबगड़, बिरही, भीमतला और नंदप्रयाग में होटल और आवासीय भवनों की भारी हानि हुई थी।

अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन सख्त है। चुनाव निपटने के बाद शीघ्र नदी, नालों के किनारे आकस्मिक छापेमारी की जाएगी। घाट क्षेत्र में अवैध खनन कर भरे जा रहे तीन ट्रकों को सीज कर लिया गया है। छिनका में भी ट्रकों को पकड़ा गया। अवैध खनन किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। – अवधेष कुमार सिंह, एसडीएम (सदर), चमोली।

सौजन्य से: अमर उजाला

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