कांगो के पूर्वी प्रांत कासाई के गवर्नर और चीफ मिनिस्टर कांडे मुपोम्पा
एफआरआई से सीखेंगे अफ्रीकी जंगल बचाने का पाठ
देहरादून। विश्वविख्यात अफ्रीकी जंगलों को बचाने के लिए अब अफ्रीकी देश कांगो के अधिकारी भारत का रुख कर रहे हैं। इस कड़ी में पूर्वी प्रांत कासाई के गवर्नर व चीफ मिनिस्टर कांडे मुपोम्पा फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट(एफआरआई) का दौरा करेंगे। वह यहां न केवल वनों को बचाने को हो रहे शोध कार्यों की जानकारी लेंगे बल्कि जंगलों में मौजूद संपदा के संरक्षण पर भी बात करेंगे। भारत-अफ्रीका के यह रिश्ते भारत के वनों की संपदा बढ़ाने में भी कारगर होंगे।
एफआरआई में 12 अप्रैल को गवर्नर व चीफ मिनिस्टर कांडे मुपोम्पा पहुंचेंगे। इसकी सूचना विदेश मंत्रालय के मार्फत एफआरआई को भेज दी गई है। भेजे गए पत्र में बताया गया है कि किसी कार्यक्रम में जब गवर्नर व चीफ मिनिस्टर कांडे मुपोम्पा ने एफआरआई के वैज्ञानिकों से बात की तो पता चला कि वहां वनों को बचाने को बड़े शोध कार्य हो रहे हैं। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने एफआरआई का दौरा करने का फैसला किया। वह एफआरआई यूनिवर्सिटी में आकर वनों पर होने वाले शोध कार्यों की जानकारी लेंगे ताकि अफ्रीका के विश्वविख्यात घने जंगलों की प्राकृतिक पहचान बचाकर रखी जा सके।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एफआरआई और कासाई प्रांत के गवर्नर के बीच कोई समझौता भी हो सकता है, जिसके तहत यहां के वैज्ञानिक वहां जाकर शोध कार्य करेंगे और वहां के वैज्ञानिक यहां आकर शोध कार्यों को बढ़ावा देंगे। माना जा रहा है कि इससे भारत और अफ्रीका के बीच रिश्तों की नई पहचान भी बनेगी। भारत में कांगो के राजदूत एलेक्सिस कांडे भी उनके साथ रहेंगे।
एफआरआई में होने वाले शोध कार्यों की लेंगे जानकारी

सौजन्य से : अमर उजाला
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