पानी के साथ आ रहे कीड़े
कमलेश्वर क्षेत्र में दो हजार की आबादी परेशान
श्रीनगर। शहर के कमलेश्वर क्षेत्र में कई दिनों से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। पीन के पानी के साथ साथ कीड़े आ रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारियों शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। विभाग के अधिकारी इसके लिए पालिका को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कमलेश्वर की दो हजार की आबादी के लिए जल संस्थान के एजेंसी मोहल्ला स्थित नलकूप से आपूर्ति की जाती है। जानकारी के अनुसार शहर के कमलेश्वर क्षेत्र में करीब एक पखवाड़े से दूषित पानी आपूर्ति हो रही है। पीन के पानी के साथ कीड़े आ रहे हैं। पानी में बदबू के चलते पीना मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र की बीना पुरी, गोदांबरी देवी, राजी पुरी, राधा देवी, सत्येंद्र पुरी, महेश पुरी का कहना है कि नलों से पानी के साथ कीड़े आ रहे हैं। बदबू के चलते पीना तो रहा दूर कपड़े और बर्तन धोना मुश्किल हो रहा है। इन लोगों का कहना है कि इसकी शिकायत जल संस्थान के अधिकारियों से की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। गंदे पानी की आपूर्ति से बीमारियां फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। लोग पानी को उबाल कर पीने को मजबूर हैं।
10 करोड़ खर्च, फिर भी ग्रामीण प्यासे
नरेंद्रनगर (टिहरी)। दोगी पट्टी के तिमली ग्राम पंचायत के लिए बनाई गई सूरजकुंड-रानीताल पेयजल योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। कनेठी, दुबलियाल, माचीसाल गांव में पाइप लाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जो पाइप लाइन जमीन के अंदर दो फीट गहराई तक बिछाई जानी थी, वह जमीन के ऊपर बिछाई गई है। स्टैंड पोस्ट के निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई है। तिमली ग्राम पंचायत के लिए वर्ष 2010 में 10 करोड़ 21 लाख रुपये से सूरजकुंड-रानीताल पेयजल योजना स्वीकृत हुए थी। योजना से तिमली, कनेठी, दुबलियाल, माचीसाल गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जानी थी। चार-पांच माह पूर्व कार्यदायी संस्था जल निगम मुनिकीरेती ने निर्माण पूरा कर दिया है, लेकिन अभी तक योजना जल संस्थान को हैंडओवर नहीं हो पाई है। कनेठी, दुबलियाल, माचीसाल गांव में पेयजल लाइन बिछाई जरूर गई है, लेकिन गांव में एक दिन भी पानी नहीं पहुंचा है। तिमली के जयपाल सिंह भंडारी ने योजना निर्माण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हफ्तेभर से नलों में नहीं टपका पानी
जोशीमठ (चमोली)। बदरीनाथ धाम के प्रवेश द्वार जोशीमठ में पेयजल किल्लत बनी हुई है। गांधीनगर और सुनील वार्ड में एक सप्ताह से नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। जोशीमठ के लिए सप्लाई हो रही दो पेयजल योजनाएं आपदा में क्षतिग्रस्त हो गईं थी जिनकी मरम्मत का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। जल संस्थान ने नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की हुई है। स्थानीय निवासी ललित खंडूड़ी, मनोज पंत और आनंद सती का कहना है कि कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति सुचारु करने के लिए कहा गया, लेकिन सुनी नहीं गई। पानी की जरूरत के लिए आधा किमी दूर प्राकृतिक जलस्रोत पर जाना पड़ रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी जोशी ने कहा कि आईटीबीपी कैंप की ओर से जोशीमठ पेयजल योजना की मरम्मत का काम चल रहा है। इस कारण कई बार पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
डाक्टरों ने दी बचाव की सलाह
संयुक्त अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. अजय कुमार गोयल के मुताबिक गंदे पानी पीने से पीलिया, टायफायड, डायरिया जैसे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने लोगों को फिल्टर का प्रयोग और फिल्टर न होने की दशा में पानी उबालकर व छानकर पीने की सलाह दी है। जीआईएंडटीआई के पास नगर पालिका के स्क्रबर से के पास लाइन में लीकेज के कारण गंदा पानी मिल रहा है। इस कारण कमलेश्वर क्षेत्र में पानी के साथ गंदगी भी पहुंच रही है। स्क्रबर को साफ करवाने के लिए नगर पालिका को कहा गया है।
-प्रवीण कुमार सैनी, सहायक अभियंता, जल संस्थान।
अनियमितता भेंट चढ़ी
सूरजकुंड-रानीताल पेयजल योजना
योजना पर पांच स्टैंड पोस्ट बनने थे, वे बना दिए गए हैं। लेकिन लोग दो और स्टैंड पोस्ट की मांग कर रहे हैं। योजना निर्माण के संबंध में पहले किसी ने शिकायत नहीं की है। यदि किसी तरह की समस्या है, तो जांच कराई जाएगी। अनियमितता की बात सही पाई गई, तो ठेकेदार की धरोहर धनराशि से कार्य कराया जाएगा।
-एमएल गुप्ता, सहायक अभियंता, जल निगम मुनिकीरेती

श्रीनगर क्षेत्र के कमलेश्वर क्षेत्र में पानी के साथ नलों से कीड़े निकल रहे हैं। बाल्टी में पानी के साथ आए कीड़े।
सौजन्य से : अमर उजाला
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