पौड़ी। गढ़वाल मंडल की चार हजार से अधिक बस्तियों में आज पेयजल की सुविधा नहीं मिल सकी है। इतना ही नहीं आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई कई पेयजल योजनाओं की मरम्मत नहीं होने से पानी का संकट बना है। गर्मियों के मौसम में पानी आम जनता की मुश्किल बढ़ाने के साथ चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों का गला भी सुखाएगा। किसी भी राजनीतिक दल के प्रत्याशी के पास जनता के सवाल का जवाब नहीं देते बनेगा। हर गांव को पेयजल सुविधा से जोड़ने संबंधी शासन की कवायद गढ़वाल मंडल में अभी तक सफल नहीं हो पाई है। मंडल में 4125 बस्तियां अभी भी पेयजल सुविधा से नहीं जुड़ पाई हैं। इन बस्तियों के लोग आज भी प्राकृतिक जल स्रोतों व गाड़-गदेरों पर निर्भर है। इसके अलावा पर्वतीय जिलों में बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं में अधिकांश अभी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाई है। पांच जिलों में अकेले जल संस्थान की 31 योजनाएं बंद हैं। जल संस्थान और ग्राम सभाओं की करीब 12 सौ से अधिक योजनाएं पूरी तरह दुरुस्त नहीं है। सैकड़ों गांव पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। दूसरी तरफ इस बार भी प्रदेश में लोक सभा चुनाव गरमी के सीजन में हो रहे हैं। प्रदेश में ज्यों-ज्यों लोक सभा चुनाव का माहौल गरमा रहा है होगा उसी तरह पहाड़ में पानी की समस्या पहाड़ जैसे होगी। ऐसे में वोट मांगते समय पानी का सवाल भी खड़ा होगा। जिसका जवाब किसी भी दल के प्रत्याशी के पास नहीं होगा।
  • गढ़वाल मंडल के 4123 बस्तियों में नहीं है पेयजल की सुविधा
  • क्षतिग्रस्त योजनाएं ठीक न होने से कई गांव में बना है संकट
  • चमोली में सबसे ज्यादा वंचित बस्तियां
पौड़ी। गढ़वाल मंडल में पेयजल सुविधा से वंचित 4125 बस्तियों में सर्वाधिक 1319 बस्तियां चमोली जनपद की है। इसके अलावा उत्तरकाशी में 121, टिहरी में 975, देहरादून में 374, रुद्रप्रयाग में 273, पौड़ी में 1061 और हरिद्वार में दो बस्तियां है।
पौड़ी। भले ही गढ़वाल मंडल में 4125 बस्तियां पेयजल सुविधा से वंचित है। लेकिन भारत सरकार इन्हें पूर्णतया वंचित नहीं मान रही है। जल निगम के अधिकारियों के अनुसार सरकार ने इन्हें आंशिक रूप से वंचित बस्ती की श्रेणी में डाल दिया है। मंडल में जिन बस्तियां पेयजल सुविधा का अभाव है। उन्हें पानी की सुविधा से जोड़ने के लिए प्रयास हो रहे हैं। इसके लिए हर साल लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। लक्ष्य के आधार पर जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
-आरके जोशी, मुख्य अभियंता जल निगम गढ़वाल मंडल पौड़ी
Courtesy: अमर उजाला ब्यूरो
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