हाई रिस्क जोन पर बना रहे पंपिंग स्टेशन
मदननेगी (नई टिहरी)। धारमंडल क्षेत्र के 78 तोक एवं 16 राजस्व गांवों के लिए 13 करोड़ की लागत से बनने वाली रजाखेत पंपिंग पेयजल योजना उम्मीदों पर खरी उतरती नहीं दिख रही। टिहरी बांध की झील से महज 50 मीटर ऊपर हाई रिस्क जोन में अस्थिर ढलान वाले चमेल्डू तोक में बनाए गए मुख्य पंपिंग स्टेशन की सुरक्षा और निम्न गुणवत्ता के कारण योजना पर सवाल उठने लाजमी है। वर्ष 2006 में 9.35 करोड़ की लागत की पंपिंग पेयजल योजना में 8.5 किमी लंबी मेन तथा 65 किमी गांव में वितरण पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। योजना पर अब तक 8.35 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुका है, लेकिन गांव तक पानी नहीं पहुंच पाया। उत्तराखंड पेयजल निगम घनसाली ने अब गांव तक पानी पहुंचाने के लिए पुनरीक्षित इस्टीमेट तैयार किया है, जिसमें 3.65 करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगा है। योजना के मुख्य पंपिंग स्टेशन के ऊपर अस्थिर ढाल वाली पहाड़ी से भूस्खलन, झील के पानी से टो सपोर्ट विहीन होने से यहां जमीन में दरारें गहराने लगी हैं। सिलोली गाड से वर्ष 2039 तक के लिए 1261 किलोलीटर पानी प्रतिदिन क्षमता पर डिजाइन योजना में ट्रीटमेंट प्लांट, 1095 किलोलीटर क्षमता के चार जलाशय, पाइप दबान आदि की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों की मांग पर प्रदेश सरकार ने भू-वैज्ञानिकों से वर्ष 1990 में बांध प्रभावित धारमंडल क्षेत्र के पांच गांव सर्वेक्षण कराया था। भू-वैज्ञानिकों ने निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की सिफारिश की थी।
धारमंडल के 16 गांव, 78 तोक के लिए बन रही है पेयजल योजना केंद्र से मिला 4.15 करोड़ तथा राज्य सरकार से मिला 4.20 करोड़ खर्च हो चुका है। 2006 में शुरू हुई योजना पर खर्च बढ़ने से अब लागत 13 करोड़ हो गई है। मेन पंपिंग स्टेशन बांध की झील से 50 मीटर से दूर तथा दो पहाड़ों के ज्वाइंट के बीच में होने से सुरिक्षत है। सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।
-अनुपम रतन, ईई, पेयजल निगम घनसाली टिहरी।
किसी सुरक्षित जगह के बजाय बांध के कारण भूकंप एवं भूगर्भीय दृष्टि से हाई रिस्क जोन वाले इस क्षेत्र में मेन पंपिंग योजना के निर्माण तथा पूरी योजना की गुणवत्ता की तकनीकी न्यायिक जांच जरूरी है। योजना बजट हथियाने के लिए दिखाऊ नहीं बल्कि टिकाऊ होनी चाहिए।
प्रेमदत्त जुयाल, सामाजिक कार्यकर्ता मदननेगी।
मेन पंपिंग स्टेशन के ऊपर बरसात में भूस्खलन सक्रिय है। इसे उपचारित कर ठीक किया जा सकता है। भूकंप तथा टिहरी बांध की झील से पड़ने वाले असर का सर्वेक्षण कराना जरूरी है। विक्रम सिंह नेगी, विधायक प्रतापनगर क्षेत्र।
रजाखेत पंपिंग पेयजल योजना से पूरे धारमंडल क्षेत्र को पीने का पानी मिलना था। इसके निर्माण की गड़बड़ी की जांच जरूरी है, ताकि योजना पर खर्च होने वाला पैसा बर्बाद न जाए। विजय पंवार, पूर्व विधायक प्रतापनगर क्षेत्र।
Advertisements