बड़कोट। आपदा से प्रभावित खरादी कस्बे में इन दिनों सुरक्षा कार्य चल रहे हैं। इन कामों के लिए नदी से जिस तरह खनन हो रहा है, उससे सुरक्षा के बजाय कस्बे पर खतरा बढ़ गया है। यही नहीं राजमार्ग पर बने पुल के भी खतरे की जद में आने से यमुनोत्री का संपर्क भी प्रभावित हो सकता है।
बीते दो वर्षों की बाढ़ में तबाह हुए खरादी कस्बे तथा स्यानाचट्टी के पास बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए केंद्र सरकार से 11 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से कस्बे की सुरक्षा के लिए काम किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा कार्यों के लिए पत्थर, बजरी और रोड़ी का खनन यमुना नदी से ही किया जा रहा है। ऐसे में सुरक्षा के बजाय कस्बे पर खतरा ही मंडरा रहा है। उपली खरादी में तो खनेड़ा स्लिप जोन पर राजमार्ग की दीवार तोड़कर जेसीबी मशीन यमुना में पहुंचाकर खनन किया जा रहा है। खनन से यमुनोत्री राजमार्ग पर बने मोटर पुल को खतरा पैदा हो गया है। आपदा प्रभावित खनेड़ा गांव निवासी मुलकराज राणा का कहना है कि बीते वर्षों में हुए खनन से खनेड़ा तथा खरादी कस्बे में तबाही मची और अब भी विभाग बाज नहीं आ रहा है। बाढ़ सुरक्षा के नाम पर ऐसे ही खनन हुआ, तो यमुनोत्री हाईवे पर बने पुल के साथ ही खरादी कस्बे का शेष भाग भी तबाह हो जाएगा। उन्होंने बेतरतीब ढंग से हो रहे खनन को रोकने की मांग की है। बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बरसात से पहले कार्य पूरे करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यमुना नदी में हो रहे खनन को रोका जाएगा। – देवमूर्ति यादव, एसडीएम बड़कोट।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मानकों के अनुरूप बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं। अवैध खनन की कोई बात नहीं है। – दिनेश कुमार बिजल्वाण, ईई एनएच निर्माण खंड बड़कोट।
Courtesy: amarujala.com
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