रुद्रप्रयाग। आपदा प्रभावित केदारघाटी में अधिकारियों के हवाई दौरों के बाद भी यात्रा तैयारियों के काम की रफ्तार में कोई ज्यादा सुधार नजर नहीं आ रहा है। देहरादून से चॉपर से गुप्ताकाशी और अगस्त्यमुनि पहुंचने वाले अधिकारियों के चलते जिले का प्रशासनिक अमला भी यहां से वहां भाग रहा है। बड़े अधिकारियों के दौरे से स्थिति यह हो गई कि न तो वह खुद काम कर रहे और न जिला प्रशासन के अधिकारियों को करने दे रहे।
केदारनाथ जल प्रलय स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए भले ही मुसीबत बनकर आई हो लेकिन अधिकारियों के लिए सैर सपाटे का माध्यम बन गई। आपदा के दौरान भी राहत एवं बचाव कार्यों के नाम पर अधिकारी इस तरह के सैर सपाटे करते रहे। अब यात्रा तैयारियों को लेकर चॉपर से सैर सपाटा कर रहे हैं। उत्तराखंड में मंत्री हेलीकाप्टर प्रेम के लिए जाने जाते हैं। लेकिन चॉपर की यात्रा करने में अधिकारी भी पीछे नहीं हैं। हो यह रहा है कि अधिकारी अगस्त्यमुनि या गुप्तकाशी चॉपर से पहुंच रहे हैं। जहां वह अधिकारियों की मीटिंग या फिर दिखावे के लिए तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं। लोनिवि सचिव अमित नेगी अब तक सबसे अधिक तीन बार चॉपर से केदारघाटी की यात्रा कर चुके हैं। आला अधिकारियों के सीधे गुप्तकाशी पहुंचने से जिलास्तरीय अधिकारी भी परेशान हैं। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के खराब होने के कारण अधिकारी अलसुबह गुप्तकाशी के लिए रवाना होते हैं और देर शाम को वापसी होती है। फिर पता चलता कि अगले दिन गुप्तकाशी पहुंचना है। इसका असर कामकाम पर पड़ रहा है।
हेलीकाप्टर से यात्रा करने में मंत्रियों को पीछे छोड़ देंगे अधिकारी
बड़े अधिकारियों के दौरे से प्रशासनिक अमला भी हुआ व्यस्त
तैयारियों की स्थिति
सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के सबसे कमजोर प्वाइंट का समाधान नहीं निकल पाया है। सोनप्रयाग से मुंडकटिया तक लगभग 700 मीटर सड़क नदी के समांतर चल रही है। भूस्खलन के कारण यहां पूर्व के एलाइमेंट से सड़क निर्माण की संभावना बहुत कम है। जो भी अधिकारी सोनप्रयाग पहुंचता है, बीआरओ को स्थायी सड़क बनाने के निर्देश देता है। सड़क तो दूर अभी तक स्थायी सड़क का प्रपोजल भी नहीं बन पाया है। गौरीकुंड बस अड्डे तक राजमार्ग नहीं खुल पाया है।
दूसरी बार भी नहीं आए मुख्य सचिव
मुख्य सचिव सुभाष कुमार और गढ़वाल कमिश्नर सीएस नपच्याल ने दोबारा निरीक्षण की बात कही थी। लेकिन वह दूसरी बार नहीं पहुंचे। हालांकि सचिव और कमिश्नर ने सड़क मार्ग से निरीक्षण किया। जबकि अन्य अधिकारी हेलीकाप्टर से आ रहे हैं और उसी से लौट रहे हैं। विगत 12 मार्च को जहां मुख्य सचिव सोनप्रयाग में निरीक्षण कर रहे थे, वहीं उनके साथ गुप्तकाशी पहुंचे अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा हेलीकाप्टर से देहरादून के लिए फुर्र हो गए।
अधिकारियों के दौरे
05 मार्च ः डीआईजी जीएस मर्तोलिया चॉपर से लिनचोली में उतरे
08 मार्च ः लोनिवि सचिव अमित नेगी चॉपर से गुप्तकाशी पहुंचे
12 मार्च ः मुख्य सचिव सुभाष कुमार व अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा चॉपर से गुप्तकाशी पहुंचे
24 मार्च ः आपदा प्रबंधन सचिव भास्करानंद और सचिव अमित नेगी चॉपर से अगस्त्यमुनि पहुंचे
26 मार्चः लोनिवि प्रमुख सचिव एसएस संधू और सचिव अमित नेगी चॅापर से अगस्त्यमुनि पहुंचे।

Courtesy: amarujala.com
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