प्राकृतिक जलस्रोतों से प्यास बुझाने को मजबूर हैं यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं
पौड़ी। जिले के 161 प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल अभी तक पीने की पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। पानी के अभाव में छात्रों और शिक्षक दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पौड़ी जिले में 1631 प्राथमिक और 289 जूनियर हाईस्कूल हैं। जिसमें से 35 जूनियर हाईस्कूल और 126 प्राइमरी स्कूलों में पानी की सुविधा नहीं है। इन स्कूलों के छात्रों को प्यास बुझाने के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी मिड डे मील को तैयार करने में उठानी पड़ती है। विभाग के अनुसार पेयजल सुविधा से वंचित इन विद्यालयों में कुछ ऐसे हैं जो काफी ऊंचाई में है। इनके नजदीक कोई पेयजल स्रोत नहीं है। जिसके कारण इन तक पानी पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। कुछ स्कूलों के लिए बनाई गई योजनाओं के स्रोतों में पानी कम हो गया है।
थलीसैण ब्लाक में हैं सबसे ज्यादा स्कूल
पौड़ी। पौड़ी जिले में पेयजल सुविधा से वंचित 161 बेसिक स्कूलों में सर्वाधिक 26 स्कूल थलीसैण ब्लाक में है। इसके अलावा पौड़ी और पाबौ ब्लाक में आठ-आठ, खिर्सू में दो, पोखड़ा में नौ, नैनीडांडा और कल्जीखाल में 11-11, कोट में एक, जयहरीखाल और दुगड्डा में 10-10, यमकेश्वर में 14, रिखणीखाल में 5, बीरोंखाल में 19, एकेश्वर में 7, द्वारीखाल में 20 स्कूलों में पानी की सुविधा नहीं है।

Courtesy: अमर उजाला ब्यूरो
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