नई दिल्लीः ओडिशाने 1993 से 2012 के बीच अलोकेटेड कोल ब्लॉक्स की क्लीयरेंस रोक दी है। इससे राज्य में लाखों करोड़ रुपए के प्रॉजेक्ट रुक जाएंगे। राज्य सरकार ने यह फैसला इस डर से लिया है कि कहीं इन्हें लेकर उसे सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई या नैशनल ऑडिटर कैग के सवालों के जवाब न देने पड़ें।

इससे पहले कोल ब्लॉक अलोकेशन मामले में सीबीआई ने आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और फॉर्मर कोल सेक्रेटरी पी. सी. पारेख के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। राज्य सरकार को डर है कि अलोकेशन के बाद प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस देने और माइनिंग लीज को लेकर कहीं उसे भी जांच का सामना न करना पड़े।

राज्य के चीफ सेक्रेटरी जे. के. महापात्रा ने 23 अक्टूबर को कोल सेक्रेटरी एस. के. श्रीवास्तव को लेटर लिखा था। इसमें कहा गया है, ‘पेंडिंग मामलों और सीबीआई एवं दूसरी एजेंसियों की जांच को देखते हुए, हमें लगता है कि इन ब्लॉक्स पर काम बढ़ाना ठीक नहीं होगा।’ महापात्रा ने इकनॉमिक टाइम्स से इस फैसले की पुष्टि भी की।

ओडिशासरकार ने आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंडाल्को सहित दो सरकारी कंपनियों को दिए गए तालाबिरा-2 कोल ब्लॉक के उन डेवलपमेंट्स की जानकारी नहीं पर केंद्र की आलोचना की है, जिनकी वजह से सीबीआई को इस मामले में एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। उसने कहा है कि इस तरह की मुश्किल 1993 से 2012 के बीच दिए गए किसी कोल ब्लॉक को लेकर खड़ी हो सकती है।

महापात्रा ने लेटर में लिखा है, ‘अलोकेशन के बाद राज्य सरकार की ओर से कोल ब्लॉक्स को लेकर किसी भी तरह की एक्टविटी के सीबीआई जांच खत्म नहीं होने तक जांच के दायरे में आने का डर है।’ इकनॉमिक टाइम्स ने भी इस लेटर को देखा है। उन्होंने कहा, ‘अब तक हमें कोल ब्लॉक्स जांच को लेकर कोई अडवाइजरी या इंफॉर्मेशन नहीं मिली है। ऐसे में हमारे लिए इन मामलों में आगे कदम बढ़ाना मुश्किल है।’

प्रधानमंत्री ने सीबीआई के एफआईआर दर्ज करने के बाद हिंडाल्को को कोल ब्लॉक देने के कदम का बचाव किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि ओडिशाके मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी इस मामले में हिंडाल्को को सपोर्ट किया था। राज्य सरकार के हालिया कदम से स्टील, अल्युमीनियम और पावर सेक्टर से जुड़े कई प्रॉजेक्ट्स मुश्किल में फंस सकते हैं। इन कंपनियों को 1993 से 2012 के बीच ओडिशामें 30 कोल ब्लॉक्स दिए गए थे। विडंबना यह है कि इनमें से सिर्फ तालाबिरा-2 ब्लॉक में ही कोल माइनिंग शुरू हुई थी। इसे 1994 में हिंडाल्को को दिया गया था। जून 2003 में इस ब्लॉक को कमीशन किया गया था।

Courtesy: nav bharat times

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