हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को कोयला ब्लॉक आवंटित कराने में ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक आखिर क्यों दिलचस्पी ले रहे थे? इसकी जानकारी इकट्ठा करने के लिए सीबीआई उनसे पूछताछ कर सकती है।

सीबीआई के हवाले से खबर आई है कि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है कि किससे पूछताछ की जाएगी। मुख्यमंत्री से पूछताछ तभी होगी, जबकि स्पष्ट हो जाएगा कि हिंडाल्को को कोयला ब्लाक आवंटन की सिफारिश उन्होंने क्यों की?

तथ्य के सामने आने से यह बात साफ हुई है कि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को कोयला ब्लाक आवंटन में अनियमितता बरती गई थी। आदित्य बिड़ला समूह का आवेदन 2005 में रद्द कर दिया गया था। हालांकि बाद में कंपनी को कोल ब्लॉक आवंटित किया गया।

मीडिया में सीबीआई सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिससे पता चलता है कि पटनायक ने कोयला मंत्रालय को इस बाबत पत्र लिखा था। खबर है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान सीबीआई को पटनायक का लिखा पत्र मिला है। पत्र में ओड़िशा के तालाबीरा दो ब्लॉक के आवेदन को रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया गया है।

बहरहाल, सीबीआई के हवाले से खबर आई है कि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है कि किससे पूछताछ की जाएगी। मुख्यमंत्री से पूछताछ तभी होगी, जबकि स्पष्ट हो जाएगा कि हिंडाल्को को कोयला ब्लाक आवंटन की सिफारिश उन्होंने क्यों की?

सीबीआई सूत्रों ने कहा कि आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था, जिसने इसे कोयला मंत्रालय के पास भेज दिया था।

जांच एजेंसी के मुतिक 2005 में हिंडाल्को का आवेदन खारिज होने के बाद बिड़ला ने दो पत्र लिखे थे। इसके साथ-साथ वे व्यक्तिगत रूप से भी तत्कालीन कोयला सचिव पीसी पारेख से मिले थे, उसके बाद ही इस फैसले को पलटा गया था और हिंडाल्को को ब्लाक का आवंटन किया गया था.

Courtesy: The Patrika

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