केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार रात विदेश से लौटे कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की आलमारियां खंगाली. जिंदल को उनकी कंपनी जिंदल स्टील एवं पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) को कोयला ब्लॉक के आवंटन की जांच में शामिल होने को कहा गया था.

सीबीआई ने 11 जून को जिंदल के सरकारी निवासी छह, पृथ्वीराज रोड पर छापा मारा था लेकिन वह अपना काम पूरा नहीं कर पायी थी, क्योंकि कुछ आलमारियों में ताले लगे थे और उन्हें जिंदल ही खोल सकते थे जो उस वक्त सपरिवार बाहर थे.

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार सुबह एक तलाशी दल उनके घर गया और जिंदल की उपस्थिति में उनकी आलमारियां खंगाली. कथित धोखाधड़ी एवं रिश्वत को लेकर दर्ज प्राथमिकी में पूर्व कोयला राज्यमंत्री डी नारायण राव के साथ जिंदल का भी नाम है.

सीबीआई ने जिंदल से कहा था कि वह यथाशीघ्र जांच में शामिल हों क्योंकि ये आलमारियां उनके पहुंचने के बाद ही खुल सकती हैं.

प्राथमिकी के अनुसार वर्ष 2008 में जब राव कोयला राज्यमंत्री थे तब जेएसपीएल तथा गगन स्पंज आयरन लिमिटेड ने कथित रूप से गलत तथ्य पेश कर झारखंड में अमरकोंडा मुर्गादंगल कोयला ब्लॉक हासिल किया था. गगन स्पंज आयरन लिमिटेड भी जिंदल की ही कंपनी है.

सीबीआई सूत्रों ने दावा किया कि जनवरी, 2008 को जेएसपीएल को ब्लॉक आवंटित हुआ, उसके एक साल के अंदर ही राव की कपंनी सौभाग्य मीडिया के शेयर, जो 28 रूपए पर सूचीबद्ध थे, को जिंदल की कंपनी न्यू देलही एक्जिम लिमिटेड ने 100 रूपए प्रति शेयर की दर से खरीदा और इस प्रकार करीब सवा दो करोड़ रूपए का निवेश किया गया.

आरोप है कि यह अवैध रूप से लाभ पहुंचाया गया. जेएसपीएल के विदेश मामलों के प्रमुख मानू कपूर ने पहले कहा था, ‘कानून का पालन करने वाली कंपनी जेएसपीएल कड़ी आचार संहिता से चलती है. कोयला ब्लॉक आवंटन की सीबीआई जांच चल रही है. जांच के इस चरण में जेएसपीएल सीबीआई का पूरी तरह सहयोग करने के लिए कटिबद्ध है.’

सीबीआई ने दावा किया कि जेएसपीएल ने जनवरी, 2007 में कहा था कि उसके पास केवल तीन कोयला ब्लॉक हैं जबकि उसके पास कम से कम छह कोयला ब्लॉक थे.

सूत्रों ने बताया कि यह अमरकोंडा मुर्गादंगल कोयला ब्लॉक पाने के लिए अपनी पात्रता बढ़ाने के लिए किया गया क्योंकि सरकार एक ही कंपनी को ढेर सारे ब्लॉक आवंटित नहीं कर उसकी एकाधिपत्य रोकने पर गौर कर रही थी.

Courtesy: Aajtak
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