फिरोजपुर झिरका। मेवात पुलिस खनन माफिया पर शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रहे हैं। 2006 में जिला बनने के बाद से अब तक खनन माफिया से मुठभेड़ में 257 बार पुलिस को मात मिली है। यह खुलासा आरटीआई से मिली जानकारी से हुआ है। इस बात की पुष्टि पुलिस विभाग ने भी की है। जिला मेवात में 2006 में 151, 2007 में 97, 2008 में 120, 2009 में 161, 2010 में 157, 2011 में 96, 2012 में 121 और 2013 में 48 अवैध खनन की शिकायतें  विभिन्न थानों व चौकियों में दर्ज हुई हैं।

इसके अलावा खनन माफिया द्वारा 2005 में 8 बार, 2006 में 14, 2007 में 11, 2008 में 11, 2009 में 12, 2010 में 11, 2011 में 10, 2012 में 34 और 2013 में अब तक 7 बार पुलिस खनन माफिया के हाथ शिकस्त खा चुकी है। इसके अलावा डंपर चालकों से अवैध वसूली करने के मामले में 3 पुलिसकर्मियों के खिलाफ 2011 में मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राजुदीन को पुलिस विभाग ने आरटीआई के तहत यह जानकारी दी है।

पुलिस की सूचना से जाहिर हो रहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के अवैध खनन के खिलाफ कड़े आदेशों के बावजूद पुलिस अवैध खनन पर नकेल कसने में नाकाम रही है। वहीं, ओवरलोड डंपरों का कहर भी किसी से छुपा नहीं है।

ओवरलोड डंपरों से हुई दुर्घटनाएं

आंकड़े बताते है कि वर्ष 2005 में 254, 2008 में 286, 2007 में 206, 2008 में 190, 2009 में 272, 2010 में 307, 2011 में 246, 2012 में 299 व 2013 में अब तक 47 दुर्घटनाएं केवल ओवरलोडेड डंपरों के कारण हुई हैं। पुलिस विभाग के अनुसार पिछले एक माह में मेवात में लगभग दो दर्जन लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए हैं।

Courtesy: Dainik Bhaskar

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